Teacher Suspend : छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में शिक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी स्कूल की एक शिक्षिका को निलंबित कर दिया है। शिक्षिका पर आरोप है कि वह स्कूल की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर एक हेल्थ कंपनी की मार्केटिंग गतिविधियों में शामिल थीं और बिना विभागीय अनुमति के विदेश यात्रा पर भी चली गई थीं। मामले की शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार पंडरिया विकासखंड के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक शाला पडकीकला में पदस्थ प्रधान पाठक सीमा कश्यप के खिलाफ शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वह एक निजी हेल्थ कंपनी के मार्केटिंग कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं और स्कूल के कामकाज से ज्यादा समय उसी गतिविधि में दे रही हैं। इसके साथ ही यह भी आरोप था कि उन्होंने बिना शासन की अनुमति के विदेश यात्रा की है।
शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि सीमा कश्यप ने बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के विदेश यात्रा की थी। इसके अलावा यह भी सामने आया कि वह एक निजी व्यवसाय से भी जुड़ी हुई थीं। विभागीय नियमों के अनुसार सरकारी सेवा में रहते हुए किसी अन्य व्यवसाय से जुड़ना और बिना अनुमति विदेश यात्रा करना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए सीमा कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षिका का यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लंघन है और इसे गंभीर कदाचार माना गया है।
निलंबन आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए सीमा कश्यप को उनके पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बोडला निर्धारित किया गया है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए नियमों का पालन करना अनिवार्य है और यदि कोई कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस मामले के सामने आने के बाद यह भी चर्चा हो रही है कि कई सरकारी कर्मचारी निजी व्यवसायों और अन्य गतिविधियों में शामिल रहते हैं, जिससे उनके कार्य प्रभावित होते हैं। ऐसे मामलों में विभाग द्वारा समय-समय पर जांच और कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता बताई जा रही है।
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